अपनाएं ये तरीके

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होटल रोजमर्रा के व्यवहार पर शुरू से ही कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो बच्चों को छोटी उम्र से ही शालीन व्यवहार सिखाया जा सकता है परिवार के सभी सदस्य क्षेत्र से आपसी बातचीत के दौरान भाषा की मर्यादा का ध्यान रखें बच्चों को उसके लिए सॉरी और थैंक्यू जैसे शब्दों का अहमियत समझाएं आपसे कभी कोई गलती हो जाए तो सॉरी बोलने से संकोच ना बरतें और बच्चों के लिए भी परिवार मिलेगी बुरे लोगों के साथ प्यार से पेश आएं और अगर कभी आपका बच्चा उनके साथ बुरा बर्ताव करता है तो उसे स्पष्ट शब्दों में शब्दों में ऐसा करने से मना करें उससे सार्वजनिक स्थलों पर दया पूर्वक अपनी बारी का इंतजार करना सिखाए बच्चों को अनुशासित करने का मतलब यह नहीं कि छोटी-छोटी बातों के लिए आप उसे दूसरों के सामने हम तेरे बच्चे और विद्रोही बन जाते हैं बुजुर्गों का ख्याल रखें और हमेशा उनकी मदद के लिए तत्पर रहें इससे बच्चे भी ग्रैंड पेरेंट्स का सम्मान करना सीख जाएंगे पिता की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने बेटे को स्त्रियों का सम्मान करना सिखाए और यह साबित कर खुद भी अमल करें स्मार्टफोन जैसे गैजेट्स के सांप बच्चों को ज्यादा वक्त ना बिताने दें शोध से यह साबित हो चुका है फिर लंबे समय तक वीडियो गेम्स खेलने वाले बच्चों का भी बिहार हिंसक हो जाता है अगर स्कूल या किसी टीचर के व्यवहार से कोई शिकायत हो तो तब भी बच्चे के सामने आपस की बुराई ना करें बार-बार उसको बुरा मत बोलो पेरेंट्स टीचर मीटिंग में अगर आपको बच्चे की कोई शिकायत नहीं की है तो उसे दिल पर लेने के बजाय धैर्यपूर्वक को सुधारने की कोशिश करें बच्चों में शेरों की आदत विकसित करें अगर घर में एक ही बच्चा हो तो उसे नए दोस्त बनाने के लिए प्रेरित करें स्कूल में बच्चा गुमसुम रहता है तो उसके व्यवहार में कोई असामान्य लक्षण नजर आए तो क्लास टीचर का यह फर्ज बनता है कि वह उसके माता-पिता को इस समस्या के बारे में बातचीत करके उसका हल ढूंढने की कोशिश करें

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