समझने के लिए सुनना है जरूरी

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जिस तरह आप दूसरों के सामने अपनी बात को प्रभावशाली ढंग से रखते हैं उसी तरह अगर कोई आपसे पूछे कह रहा है तो उसकी बातें ध्यान पूर्वक सुनना भी एक कला है दूसरों के बातें ध्यान से ना सुनने की वजह से आपको क्या नुकसान उठाना पड़ सकता है परिवार की समय आज-कल वैसे भी लोगों के पास समय की कमी रहती है और वे अपने परिवार के साथ क्वालिटी टाइम नहीं बता पाते ऐसे में जब आपके परिवार का कोई भी सदस्य पति-पत्नी माता-पिता सास-ससुर जागरण सहायक आपसे कुछ कहता है तो कुछ पल अपने लिए मोबाइल की स्क्रीन से अपना ध्यान हटा कर उसकी बातें ध्यान से सुनो अगर कोई आपसे एक सवाल पूछ रहा है तो ठहरे पूर्वक पूरी बात ध्यान से सुने बिना डालने वाले अंदाज में ठीक है कहने की आदत से बचें खासतौर पर जब बच्चे आपसे अपनी पढ़ाई स्कूल खेलकूद सामाजिक संबंधों के लिए चाहे आप डेट पर जायजा जॉब के लिए इंटरव्यू देने वहां सामने बैठा व्यक्ति जब आप से कुछ पूछ रहा है तो उसकी बातों में इतनी रुचि ले रही हो इस पर लोग बहुत ध्यान देते हैं बेशक कोई हमें द्वार इंटरव्यू में सभी सवालों के सही जवाब पर बोर्ड में बैठे सदस्यों को अगर ऐसा लगता है कि वह उनकी बातें ध्यान से नहीं सुन रहा तो उसका गलत इंप्रेशन पड़ता है अगर आपके इसी वक्त उन्हीं रिश्तेदार को हर बात बहुत डिटेल में बताने की आदत है तो आप धैर्य पूर्वक असली बातें समय समय की कभी कमी है तभी उसके सामने बेरुखी जाहर करने से बेहतर यही होगा कि आप उससे मुझे देर हो रही है छात्रों को सॉफ्ट स्किल के साथ ऑपरेशन मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जाती है जिसमें उन्हें यह सिखाया जाता है कि खैरियत में कामयाबी के लिए कार्यस्थल पर सहकर्मियों अधीनस्थों और बॉस के साथ कर्मचारी का सही तालमेल होना चाहिए वहां सबकी बातें ध्यान से सुनना बहुत जरूरी है किसी से कोई शिकायत हो तो भी शालीनता से सहमति जाहिर करनी चाहिए अगर व्यक्ति दूसरों की बातें ध्यान से सुनने की कला सीख जाए तो उसकी कई परेशानियां अपने आप दूर हो जाएगी आज हर व्यक्ति अपनी बातों को प्रभावशाली ढंग से पेश करने की कोशिश करता है पर लोग यह भूल जाते हैं कि ध्यान से सुनना भी उतना ही जरूरी है अच्छा श्रोता बनना क्यों जरूरी है

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