हादसे में अपनी चूक छिपा गया रेलवे

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अमृतसर हादसे में अपनी चूक छिपा गया रेलवे अमृतसर रेल हादसे में जांच से इनकार कर रेलवे ने अपनी चूक पर पर्दा डाल दिया रेलवे इटालियन सवालों के घेरे में है बल्कि रेलवे की स्पेशल इमेजेस ब्रांच आईवी चप्पे-चप्पे पर नजर रखती है और इस घटना को रोक पाने में रेलवे का निगरानी भी सुरक्षा तंत्र नाकाम रहा रेलवे स्टेशंस के जिम्मे सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है यहां तक कि यदि पटरी पर कहीं भीड़ जमा होने की आशंका हो तो या ट्रैक बाधित होने की स्थिति उत्पन्न हो रही तो ऐसी हर सूचना जुटाने का काम इटालियंस का है रेलवे ट्रैक की सुरक्षा में तैनात गैंगमैन पेट्रोलिंग करते हैं ताकि दुर्घटना को रोका जा सके इसके बावजूद अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास जूती बड़ी भीड़ की सूचना नहीं जुटाई जा सकी पहली और बड़ी चूक पड़ताल में रेलवे सूत्रों ने इस गंभीर जो की ओर ध्यान दिलाया सूत्रों के अनुसार आईबी और आईबी में अपनी तालमेल के बाद ही दिल्ली क्राइम रिपोर्ट पीसीआर दिल्ली स्थित रेलवे मुख्यालय को भेजी जाती है इस रिपोर्ट का इनपुट महाप्रबंधक के संज्ञान में होता है और तुरंत रेलवे की संबंधित ब्रांच को दिशा-निर्देश जारी होते हैं तत्काल ही आरपीएफ को सूचना दी जाती है अमृतसर हावड़ा पहलू यह है कि आईबी ने input दिया या नहीं दूसरी चूक इटालियंस को भी छोड़ दो तो अमृतसर हादसा कहीं दूर जंगल में नहीं बल्कि शहर के भीतर रेलवे फाटक के पास ही हुआ गेटमैन मौके पर था जो ही देख रहा था कि ट्रैक के निकट भीड़ जमा हो रही है बावजूद इसके उसने यह सूचना आगे नहीं बढ़ाई जबकि उसके द्वारा तुरंत ही ऑपरेटिंग विभाग को सूचना दी जा सकती थी तीसरी अचूक पटरी पर खड़े लोगों को हटाने की जिम्मेदारी रेलवे की है ना हटने पर रेलवे एक्ट की धारा 147 में केस दर्ज हो सकता है इस कार्रवाई आरपीएफ ही नहीं की कमर्शियल विभाग भी कर सकता है इस तरह रेलवे की कार्यप्रणाली में उक्त हादसे का सबब बनती दिख रही है रेलवे ने जहां से साफ इंकार कर दिया इन पर पर्दा डाल दिया रेलवे ने क्यों नहीं बढ़ती सावधानी देश के सबसे बड़े रावण दहन समारोह का आयोजन सन 2017 तक अंबाला जिले के बराड़ा में होता रहा है इसमें हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं इसके अलावा अंबाला सहारनपुर रेलवे जंक्शन में मारकंडा पुल के पास भी बड़ा आयोजन होता है यहां भी लोगों की संख्या हजारों में होती है इन दिनों बड़े आयोजनों को देखते हुए रेलवे जहां पूरी सावधानी बरतें आया है ट्रेन की गति धीमी कल ही निकलता जाता है सूत्रों का कहना है कि अंबाला में भेजे गए इनपुट के बाद ही ट्रेनों की गति धीमी की जाती थी यदि अंबाला में ट्रेनों की गति कम हो सकती है तो अमृतसर में क्यों नहीं आईबीएस आईबी ने नहीं दी सूचना आरपीएफ डीजी आरपीएफ के महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा कि एसबीआई और आईबी की ओर से इस संबंध में कोई इनपुट आरपीएफ को नहीं मिला इनपुट ना आने पर जवाब देते नहीं की गई रेलवे के पास कोई जानकारी नहीं थी सीपीओ उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क में सूचना अधिकारी सीपीआरओ दीपक कुमार ने कहा कि रेलवे ट्रैक के निकट भीड़ जुटाने की रेलवे के पास कोई जानकारी नहीं थी ऐसे इनपुट नहीं आया पटरी के पास भीड़ की एसआईपी के पास जानकारी क्यों नहीं इस बार सीपीआरओ ने चुप्पी साध ली

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