प्रेग्नेंसी में कितना महत्वपूर्ण है पोटेशियम को आहार में लेना

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एक सामान्य महिला में पोटेशियम की दैनिक अनुशंसित प्रतिदिन संताली 100 मिलीग्राम गर्भावस्था में यह जरूरत पड़ती नहीं है लेकिन पोटेशियम युक्त भोजन का नियमित सेवन महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर अवस्था के दौरान ब्लड प्रेशर 50 लीटर बढ़ता है गर्भावस्था में पक्षियों के निम्न स्तर के कारण उल्टी ज्यादा होने के कारण पोटेशियम की कमी हो जाती है उनको बनाने हाई ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए लेने वाली दवाइयां भी प्रकाशन की कमी की वजह बनती है आश्रम की कमी के परिणाम शुरुआती लक्षणों को पहचानना बहुत कठिन होता है क्योंकि उनमें से होने वाले ज्यादातर समस्याएं गर्भावस्था के दौरान होती हैं गर्भवती महिला में पोटेशियम की कमी के कारण थकान पानी की कमी के कारण और टखने में सूजन ब्लड प्रेशर लो होने के कारण चक्कर आना हाथ और पैरों की उंगलियों में अकड़न मांसपेशियों में असामान्यता कमजोरी कब्ज मिजाज में बदलाव गंभीर मामलों में असामान्य दिल की धड़कन और अवसाद ब्रह्म रूप ब्रह्म रूप में सामने आ सकता है कमी को कैसे दूर करें श्री चरणों में जब टाइम की कमी होती है कब हटा संयुक्त आहार का सेवन करना ज्ञात होता है इसमें पहले टमाटर पालक मशरूम मछली आलू आदि शामिल करें सामान्य कमी के लिए पोटेशियम युक्त सिरप कैप्सूल और टैबलेट का सेवन करने की आवश्यकता हो सकती है गंभीर मामलों में प्रकाशन की बोतल लगाई जाती है जब गर्भावस्था के दौरान गर्भ अवस्था में हाय प्रिया का सबसे खतरनाक समस्याओं का कारण बन सकता है गंभीर मामलों में इसका परिणाम दिल की धड़कन को बंद करना और कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है समय पर लक्षण पहचान पर उपचार करा सकते हैं

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